
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर । अभी अप्रैल शुरू ही हुआ है और गर्मी अपने चरम की ओर बढ रही है। ऐसे मेें सावधानी ही प्राथमिक उपचार है। जबकि मई जून की प्रचंड गर्मी अभी आना बाकी है। इसलिए जहाँ तक संभव हो कड़ी धूप में बाहर न निकलें। धूप में निकलना जरूरी हो तो भरपेट पानी पीकर तथा पूरा शरीर ढक कर बाहर निकलें। साथ ही बाकी समय में भी जितना संभव हो पानी पीयें ताकि शरीर मेें पानी की कमी से जटिलता उत्पन्न नहीं हो।
शुक्रवार को प्रचंड धूप को देखते हुए मेडिकाना मल्टी स्पेशिलिटी हाॅस्पीटल की प्रबंध निदेशक सुविख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ कनुप्रिया मिश्रा ने उक्त बातें मरीजों से कही। वे बढती गर्मी में सावधानियां विषय पर मरीजों को जागरूक कर रही थी। उन्होंने कहा किगर्मी में हल्का भोजन करें एवं भोजन करके ही घर से बाहर निकलें।
डाॅ मिश्रा ने बताया कि बाजार में उपलब्ध शीतल पेय, आईसक्रीम, फ्रिज का पानी आदि अधिक ठंडे पदार्थों से परहेज करें। घर में बना पेय पदार्थ जैसे लस्सी, नमक-चीनी का घोल, छाछ, नींबू पानी, गाम का शरबत आदि का नियमित सेवन करें। साथ ही कच्चा प्याज, सत्तू, पुदीना, सौंफ आदि का भी सेवन करें। अधिक पानी की मात्रा वाले मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूज, खीरा, ककडी, नींबू आदि का अधिकाधिक सेवन करें।यथासंभव हल्के रंग के ढीले-ढाले एवं सूती कपड़े पहनें।
अगर धूप का असर दिखे तो तौलिया गमछा भिगोकर सिर पर रखें और चेहरा पोछते रहें। ज्यादा प्रोटीन वाला भोजन यथाः मटन, चिकेन, अण्डा आदि का सेवन न करें। साथ ही गर्म पेय पदार्थ यथा चाय कॉफी आदि पीने से परहेज करें। अधिक तापमान में ज्यादा शारीरिक परिश्रम ना करें। सवेरे एवं रात में घर में ताजी और ठंडी हवा आने के लिए खिडकियां खुली रखें। जानवरों को छांव में रखें तथा उन्हें भी खूब पानी पीने दें।