
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। मनरेगा एवं जल संसाधन विभाग के आपसी समन्वय से संचालित योजनाएं, ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, सिंचाई सुविधा के विस्तार तथा रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए जल संरक्षण एवं जल संचयन से संबंधित योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए अधिकाधिक योजनाओं को धरातल पर उतारना सुनिश्चित करें।
समीक्षात्मक बैठक :
जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में शुक्रवार को प्रस्तावित मनरेगा/विबी-जी-राम-जी अंतर्गत जल संसाधन विभाग से संबंधित योजनाओं के समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता करते हुए उक्त बातें कही।
लंबित योजनाओं को दें प्राथमिकता :
इस दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि, “योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।”
योजनाओं का अधिकतम लाभ ग्रामीण जनता तक पहुंचे :
साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि, “विभागीय समन्वय के माध्यम से योजनाओं का अधिकतम लाभ ग्रामीण जनता तक पहुंचाया जाए तथा लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए।”
योजनाओं का हो ससमय गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन :
बैठक के दौरान दोनों विभागों के सम्मिलन से संचालित एवं प्रस्तावित योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस क्रम में जिलाधिकारी ने योजनाओं की अद्यतन स्थिति, प्रगति, स्वीकृत योजनाओं की स्थिति, कार्यान्वयन की गति एवं विभिन्न स्तरों पर आ रही समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि, “सभी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया जाए।”
संरचनात्मक कार्यों के प्रगति की समीक्षा :
बैठक में विशेष रूप से नहरों, जल निकासी, तालाबों के जीर्णोद्धार, वर्षा जल संचयन एवं अन्य संरचनात्मक कार्यों के प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
उपस्थिति :
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, के अलावा मनरेगा, ग्रामीण विकास विभाग एवं जल संसाधन विभाग के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।