
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। बिहार बटालियन एनसीसी, जितवारपुर के लगभग 300 एनसीसी कैडेटों ने 150 के दो समूहों में मंगलवार को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (आरपीसीएयू) व कृषि विज्ञान केंद्र भ्रमण कार्यक्रम के तहत के.वी.के. बिरौली का शैक्षिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य एनएसएस कैडेट्स को कृषि एवं उससे जुड़े विविध क्षेत्रों की व्यावहारिक व तकनीकी जानकारी देना था।
विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों का अवलोकन :
भ्रमण के दौरान कैडेटों ने केवीके की विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों का अवलोकन किया, जिसमें नर्सरी यूनिट, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट, मधुमक्खी पालन (एपियरी) यूनिट, कस्टम हायरिंग सेंटर तथा मखाना डेमो यूनिट शामिल रहे।
विषय वस्तु विशेषज्ञों ने दी जानकारी :
इस दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर.के. तिवारी, विषय वस्तु विशेषज्ञ (फसल उत्पादन) तथा विषय वस्तु विशेषज्ञ (पौधा संरक्षण) के साथ तकनीकी कर्मचारियों ने कैडेटों को प्रत्येक इकाई की विस्तृत जानकारी दी।
मिट्टी जांच प्रक्रिया और इसकी जरूरत :
कार्यक्रम के दौरान कैडेटों को उत्तर बिहार की एक महत्वपूर्ण नकदी फसल ‘मखाना’ उत्पादन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया गया। इस दौरान उन्हें मिट्टी जांच की प्रक्रिया और इसकी आवश्यकता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गयी।
संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान :
इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि मिट्टी परीक्षण के आधार पर उर्वरक का संतुलित उपयोग न केवल फसल उत्पादन बढ़ाता है, बल्कि मिट्टी के स्वास्थ्य को भी सुधारता है। उन्होंने सरकार द्वारा चलाए जा रहे संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि, युवाओं की भागीदारी से इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
समाज में प्रसारित करने का करेंगे प्रयास :
कैडेटों ने इस शैक्षिक भ्रमण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इस भ्रमण से उन्हें कृषि के वैज्ञानिक तरीकों की समझ विकसित हुई है और भविष्य में वे इसे समाज में प्रसारित करने का प्रयास करेंगे।
