
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। “बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की विचारधारा से मानवता को मजबूती मिली। उनका विचार था कि पूजो नहीं, पढ़ो। पढ़ने से ही आपका वास्तविक विकास हो सकता है।”
शहर के जितवारपुर स्थित समस्तीपुर कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में भारतरत्न डॉ भीमराव अम्बेडकर की 135 वीं जयंती की पूर्व संध्या पर ‘आयोजित एक संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. (डॉ.) शशि भूषण कुमार शशि ने अपने संबोधन में उक्त बातें कही।
आधुनिक भारत के शिल्पी, दलितों व वंचितों के मसीहा :
अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि, उनका सम्पूर्ण जीवन समतामूलक समाज, मानव कल्याण, सामूहिक शिक्षा, राष्ट्रीय चेतना एवं वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने में गुजरा। वे एक प्रकांड विद्वान, महान अर्थशास्त्री, सच्चे दूरद्रष्टा, समता मूलक समाज व आधुनिक भारत के शिल्पकार व दलितों व वंचितों के मसीहा थे।
समकालीन संदर्भ और भीमराव अम्बेडकर’ विषयक संगोष्ठी :
शहर के जितवारपुर स्थित समस्तीपुर कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में भारतरत्न डॉ भीमराव अम्बेडकर की 135 वीं जयंती की पूर्व संध्या पर ‘समकालीन संदर्भ और भीमराव अम्बेडकर’ विषयक एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संयोजन, उद्घाटन व स्वागत :
राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ मो. जावेद अनवर के संयोजन में आयोजित इस संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य सहित वरीय प्राध्यापकों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत परंपरानुसार सरस्वती वंदना, कुलगीत, स्वागत गीत एवं अम्बेडकर के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर संगोष्ठी का विधिवत शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात प्राचार्य डॉ. शशि ने पुष्पमाला, चादर, पाग एवं स्मृति-चिन्ह से आगत अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन किया।
बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करना चाहिए :
इसके पुर्व डॉ. अनवर ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि, “डॉ. अम्बेडकर ने भारतीय राजनीति व समाज को महत्वपूर्ण आकार प्रदान किया। उन्होंने अपने निःस्वार्थ कर्म एवं देश हित के लिए समर्पण का मार्ग अपनाया। हमें बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करना चाहिए।”
भारतीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका :
इस अवसर पर मुख्य वक्ता बीआरबी कॉलेज, समस्तीपुर के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. शबनम कुमारी ने कहा कि, “भारतीय संविधान निर्माता डॉ. अम्बेडकर जैसे महापुरुष के जीवन संघर्ष से हमें सीख लेनी चाहिए। उनका व्यक्तित्व वैश्विक पटल पर अनुपम रहा है। उन्होंने संविधान के माध्यम से मौलिक अधिकार और कर्तव्यों देकर भारतीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”
मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं :
वहीं, अपने संबोधन में, महिला महाविद्यालय, समस्तीपुर के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीता कुमारी ने कहा कि, “डॉ. अम्बेडकर ने महिला उत्थान, शिक्षा, सामाजिक न्याय को बल प्रदान किया। उन्होंने बाह्याडंम्बर एवं कुप्रथाओं का पुरजोर विरोध किया गया। उन्होंने हिन्दू धर्म का परित्याग कर बौद्ध धर्म को अपना कर यह बताया कि, मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं। मानव-मानव में भेद करना अनुचित है।”
कई प्राध्यापकों ने किया संबोधित :
स्वागत भाषण डॉ. विनय कुमार रमण, मंच संचालन डॉ. सुमन कुमार सिंहा, एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. गायत्री कुमारी ने किया। इस दौरान डॉ. महेश कुमार चौधरी, डॉ. अनिल कुमार यादव, डॉ. प्रदीप कुमार जायसवाल, डॉ. उमा शंकर साह ने अपने अपने विचार व्यक्त किये।
कई छात्र-छात्रा भी थे उपस्थित :
मौके एनवनीत कुमार, लक्ष्मी कुमारी, दर्पण कुमारी, बिट्टू कुमार, अनिशा कुमारी, सौरव कुमार, चमन कुमार, पुष्पा कुमारी, लक्ष्मी कुमारी आदि सहित राजनीति विज्ञान विभाग के छात्र-छात्रा भी उपस्थित थे।