
ओईनी न्यूज नेटवर्क
पूसा । डॉ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के खेल मैदान में आयोजित तीन दिवसीय किसान मेला के दूसरे दिन किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य अतिथि स्थानीय सांसद व कुलपति डाॅ पीएस पाण्डेय सहित आगत अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।

इस अवसर पर अपनें संबोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पांडेय ने किसानों को संबोधित करते हुए शिक्षा शोध एवं अनुसंधन की जन्मस्थली पूसा के पौराणिक इतिहास से अवगत कराया। तदुपरांत उन्होंने ने मेले के थीम “जलवायु अनुकूल कृषि से विकसित भारत की ओर” पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस दौरान उन्हेांने कहा कि देश की सम्पूर्ण अर्थ व्यवस्था की धूरी है कृषि। इसलिए किसानों के सहयोग से आत्म निर्भर भारत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शोध को किसानों तक सुगमता व सरलतापूर्वक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मशरूम किसानों के आर्थिक स्थिति में बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मशरूम के 52 उत्पाद है जो लोगों को पसंद आ रहे हैं। विगत दो सालों में मशरूम समोसा और मशरूम बिस्किट और मशरूम पनीर का पेटेंट हमें मिला है। मशरूम अचार, मशरूम भुजिया सहित कई उत्पादों का पेटेंट प्रक्रियाधीन है। वही मरीचा धान को जीआईं टैग मिलने से उसके उत्पाद का मुल्य संवर्धन हुआ है।
उन्होंने कहा कि शाही लीची के शहद के जीआईं टैग प्राप्त करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। 5 म पर विश्वविद्यालय का फोकस का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि किसानों की समृद्धि केलिए मशरूम, मछली, मखाना, मसाला उत्पादन एवं मीडिया सेंटर को मजबूत बनाने की दिशा में हम काम कर रहे हैं। इससे किसानों की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।
इसके अलावा बेस्ट ऑफ द वेस्ट पाॅलिसी के तहत विश्वविद्यालय गागर नींबु के छिलके से चाकलेट, तरबूज के छिलके से मुरब्बा आदि बनाने की दिशा में भी आगे बढ रहे हैं। इसके पुर्व कुलगीत प्रसारण, अतिथियों के स्वागत सम्मान एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम के उद्घाटन की औपचारिकता के बाद निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ मयंक राय ने आगत अतिथियों का स्वागत किया।
मौके पर सीबी रमण विवि के कुलपति डॉ एमएल गौंड, आईसीआर एमजीएफआईआर मोतिहारी के डॉ एसके पुर्वे, गोविंद सिंह भंडारी, कुलसचिव डॉ मृत्युंजय कुमार सहित निदेशक अनुसंधान डॉ एके सिंह, जयकृष्ण झा, डाॅ आरके तिवारी, भाजपा नेता अशोक पासवान, प्रखण्ड प्रमुख रविता तिवारी, कृष्णकुमार उर्फ मेघू, सहित सैकडों किसान वैज्ञानिक व छात्र उपस्थित थे। कार्यक्रम की संचालन मीनाक्षी द्विवेदी ने किया वहीं धन्यवाद ज्ञापन डॉ आर के तिवारी ने की।