
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 चंडीगढ़। चंडीगढ़ के कला-प्रेमियों के लिए यह एक विशेष अवसर होगा, जब वे तीन दिनों तक शास्त्रीय गायन (गायन), वादन तथा नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से रस विभोर हो सकेंगे। अवसर होगा उनका चिर प्रतिक्षित आयोजन “प्राचीन कला केंद्र का वार्षिक महोत्सव — 55वां अखिल भारतीय भास्कर राव नृत्य एवं संगीत सम्मेलन”।
प्रवेश निःशुल्क :
इस आयोजन को लेकर बुधवार को चण्डीगढ़ सेक्टर 27 स्थित प्रेस क्लब, में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्राचीन कला केंद्र के सचिव सजल कौसर ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि, “यह त्रिदिवसीय सम्मेलन 12 से 14 मार्च 2026 तक टैगोर थिएटर में आयोजित किया जाएगा।” इस सम्मलेन में सभी कला प्रेमियों के लिए प्रवेश नि:शुल्क है
शास्त्रीय संगीत और नृत्य की समृद्ध परंपरा के 54 वर्ष :
बताते चलें कि, भारतीय कला संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन हेतु प्रतिबद्धता पूर्वक संकल्पित व समर्पित प्राचीन कला केंद्र द्वारा आयोजित यह सम्मेलन महज एक सांगीतिक आयोजन नहीं अपितु, पिछले 54 वर्षों से निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर शास्त्रीय संगीत और नृत्य की समृद्ध परंपरा है, जो इस वर्ष अपने 55वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है।
भारतीय शास्त्रीय कला के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में केंद्र की सशक्त पहल :
यह सम्मेलन न केवल स्थापित कलाकारों के लिए एक प्रतिष्ठित मंच है, बल्कि उभरती प्रतिभाओं को भी अपनी कला प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। प्राचीन कला केंद्र का यह प्रयास भारतीय शास्त्रीय कला के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक सशक्त पहल है।
मुख्य अतिथि होंगे महामहिम प्रशासक यूटी चण्डीगढ़ :
सम्मेलन के प्रथम दिन, उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल पंजाब एवं प्रशासक यू.टी. चंडीगढ़ गुलाब चंद कटारिया दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ करेंगे। वहीं, सम्मेलन के पहले दिन सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका इन्द्राणी मुख़र्जी गायन, व सुविख्यात भरतनाट्यम नृत्यांगना विदुषी विद्या सुब्रमणियम नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति देंगी।
देशभर के राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार होंगे शामिल :
वर्ष 1969 से आरंभ हुए इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में देश के लगभग सभी प्रमुख कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं, जिससे यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बना चुका है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी देशभर के राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से इस सम्मेलन को सजाएंगे।
जिसमें सुप्रसिद्ध सितार वादक पंडित पुरबायन चटर्जी, युवा तबला वादक सत्यजीत तलवलकर के साथ सितार की मधुर स्वर लहरियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। वहीं ओडिसी नृत्यांगना शर्मीला बिस्वास अपने समूह के साथ सुरम्य नृत्य प्रस्तुत करेंगी। सुविख्यात बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार अपनी बांसुरी की सुरीली धुन के साथ प्रसिद्ध तबला वादक पंडित कुमार बोस संगत करेंगे तो, उत्कृष्ट तबला वादक पंडित नयन घोष अपने सुपुत्र ईशान घोष के साथ दर्शकों के लिए मनमोहक तबला जुगलबंदी प्रस्तुत करेंगे।
सम्मेलन की रूपरेखा व केंद्र की भावी योजनाओं की दी जानकारी :
पत्रकार वार्ता में केंद्र की रजिस्ट्रार एवं वरिष्ठ कथक गुरु शोभा कौसर, अतिरिक्त रजिस्ट्रार डॉ. समीरा कौसर तथा प्रोजेक्ट प्लानिंग मैनेजर पार्थ कौसर उपस्थित रहे और सम्मेलन की रूपरेखा के साथ-साथ केंद्र की भावी योजनाओं की जानकारी दी।
बड़ौदा में 22 एवं 23 मार्च 2026 को आयोजित होगा यह महोत्सव :
श्री कौसर ने बताया कि, पंडित भास्कर राव भाखले अपने जीवनकाल में महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, बड़ौदा में संगीत गुरु के रूप में कार्यरत रहे थे। उनकी पावन स्मृति तथा उनके समृद्ध सांगीतिक विरासत को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु, केन्द्र द्वारा इस वर्ष पहली बार विश्वविद्यालय के सहयोग से 21 से 22 मार्च, 2026 तक वडोदरा में भी इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।