
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। आर्यावर्त द लाइफ सेवर्स संस्था द्वारा गुजरात विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय परिचर्चा “प्रयास” के दौरान, बिहार में सबसे कम उम्र के युवाओं द्वारा संचालित सामाजिक संस्था जरूरत मंदों के उम्मीद की किरण “द उम्मीद” को समाजिक क्षेत्र में समर्पित व संकल्पित योगदान केलिए सम्मानित किया गया।

बताते चलें कि “द उम्मीद” समस्तीपुर राष्ट्रीय सेवा योजना और पूर्ववर्ती एनसीसी कैडेट द्वारा संस्थापित व उनके ही नेतृत्व में संचालित है।
एशिया की सबसे बड़ी सिविल हॉस्पिटल की अहमदाबाद ब्लड बैंक की विभागाध्यक्ष डॉ निधि भटनागर ने उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए द उम्मीद के संस्थापक अध्यक्ष अमरजीत कुमार को सम्मानित किया। इस क्रम में उन्हें प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।

पहली बार राष्ट्रीय स्तर 100 से अधिक गैर सरकारी संस्थाओं को एक मंच पर “रक्तदान के प्रति जागरूकता बढाने और थैलेसीमिया कैसे रोकें” विषयक नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था।
जिसमें राष्ट्रीय स्तर रक्तदान के क्षेत्र में आने वाले कठिनाइयां पर एक पैनल का गठन किया गया। इस पैनल का नेतृत्व डॉ कार्तिक शाह निदेशक जीएससीबीटी गुजरात डॉ कार्तिक शाह, एवं डॉ निधि भटनागर ने किया। पैनल का मुख्य उद्देश्य रक्तदान के क्षेत्र में आने वाले परेशानियों को सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आर्यावर्त के अध्यक्ष गौरांग मिश्रा ने ने बताया कि इस कार्यक्रम केलिए हमारी सिलेक्शन कमेटी ने भारत के प्रत्येक राज्य से एक-एक संस्था को चयन किया था। पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम में इतनी बड़ी भागीदारी युवाओं की हुई है।
द उम्मीद के संस्थापक अध्यक्ष अमरजीत ने इस सम्मान केलिए आर्यावर्त टीम का आभार जताया। वहीं द उम्मीद को मिले इस सम्मान केलिये संरक्षक डाॅ सोमेन्दु मुखर्जी, अनिरुद्ध कुमार, सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं बधाई एवं शुभकामनायें दी है।