
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बुधवार को कल्याणपुर प्रखंड के मुक्तापुर स्थित मुक्तापुर मोइन का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उक्त जलाशय को, अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने हेतु चल रहे कार्य का जायजा लिया और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं :
जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित पदाधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मुक्तापुर मोइन के सीमांकन और प्रारंभिक निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया, ताकि स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द इस सौगात का लाभ मिल सके।
प्रगति यात्रा के दौरान सीएम ने की थी घोषणा :
विदित हो कि मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान इस जलाशय को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। जिसके क्रियान्वयन हेतु जिला प्रशासन पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है।
मुक्तापुर मोइन का होगा कायाकल्प :
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि, मुक्तापुर मोइन परियोजना अभी अपने प्रारंभिक चरण में है, लेकिन इसकी रूपरेखा अत्यंत भव्य है। शीघ्र ही इसका स्वरूप परिलक्षित होगा।
इको-पार्क, जॉगिंग ट्रैक और लेकफ्रंट :
उन्होंने बताया कि, “लगभग 50 एकड़ में फैले इस जलाशय को मिथिला हाट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहाँ इको पार्क लेकफ्रंट का निर्माण होगा। पर्यटकों के आकर्षण हेतु यहाँ आधुनिक वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और जेटी का निर्माण किया जाएगा। साथ ही,जलाशय के चारों ओर सीढ़ियों का निर्माण, जॉगिंग ट्रैक, बैठने की व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था की जाएगी।”
आमस-दरभंगा पैकेज-4 का लिया जायजा :
मुक्तापुर मोइन के निरीक्षण के पश्चात जिलाधिकारी ने आमस-दरभंगा (NH-119D) पैकेज-4 के निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यकारी एजेंसी को निर्देशित किया कि कार्य की गुणवत्ता से समझौता किए बिना समय-सीमा के भीतर काम पूरा करें।
हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल के तहत बन रहा बिहार का पहला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे :
उन्होंने बताया कि, “189 किलोमीटर लंबा, चार लेन वाला यह एक्सप्रेस-वे बिहार का पहला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे है जो गया के निकट स्थित अमास से दरभंगा तक के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगा। इसके निर्माण से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी को काफी कम हो जाएगी। इसका निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (एचएएम) के तहत किया जा रहा है।”
कई पदाधिकारी थे मौजूद :
मौके पर उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह , अनुमंडल पदाधिकारी समस्तीपुर सदर दिलीप कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी अली एकराम सहित सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।