
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 समस्तीपुर। सरकार द्वारा बंद पड़े मिलों को शुरू करने और बिहार में नए मिलों की स्थापना का फैसला स्वागत योग्य है बशर्ते कथनी और करनी समान हो और घोषणा का क्रियान्वयन घोषणा के अनुरूप हो।
रुक जाएगा श्रम और प्रतिभा का पलायन :
राजद जिला प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर ने मंगलवार की शाम माधुरी चौक पर आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि, “शहर में चीनी मिल, पेपर मिल और जूट मिल अपने उद्धारक की बाट जोह रहे हैं। शहर हर में बंद पड़े मिलों को चालू कराने मात्र से समस्तीपुर की दशा और दिशा बदल जाएगी। निश्चित ही शहर में रोजगार के अवसर बढ़ने से जिले से श्रम और प्रतिभा का पलायन रुक जाएगा।”
जुलूस और सभा का आयोजन :
बताते चलें कि, समस्तीपुर की बंद चीनी मिल को चालू कराने की मांग को लेकर रेल विकास-विस्तार मंच एवं जिला विकास मंच के संयुक्त तत्वावधान में माधुरी चौक स्थित मंदिर से जुलूस निकाला और सभा का आयोजन किया।
मंच के संयोजक की अध्यक्षता में सभा :
इस क्रम में रेल विकास विस्तार मंच एवं जिला विकास मंच से जुड़े बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मंगलवार की शाम शहर के माधुरी चौक स्थित मंदिर के पास एकत्र हुए और “बंद समस्तीपुर के चीनी मिल को चालू करो” नारे लगाते हुए जुलूस निकाला। यह जुलूस नगर क्षेत्र का भ्रमण कर पुनः माधुरी चौक के पास पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। सभा की अध्यक्षता मंच के संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी ने किया।
वक्ताओं ने कहा :
सभा को संबोधित करते हुए मंच के वरीय सदस्य सह सेवानिवृत्त शिक्षक शंकर साह ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने में किया गया और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हजारों परिवार का रोजी-रोटी, भरण-पोषण का साधन रहा समस्तीपुर चीनी मिल विगत कई दशक से बंद पड़ा है। आज भी चीनी मिल के पास पर्याप्त जमीन है। यहां चौतरफा आवागमन का साधन है। सरकार इसे आसानी से चालू कर सकती है।
संघर्ष तेज करने की अपील :
इस अवसर पर राजद नेता राकेश ठाकुर एवं भाकपा माले के सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बंद समस्तीपुर चीनी मिल को चालू कराने को सभी राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, छात्र-नौजवानों, मजदूर-किसानों से संघर्ष तेज करने की अपील की।
1995 से बंद है चीनी मिल :
विदित हो कि समस्तीपुर चीनी मिल की स्थापना 1917 में अंग्रेज सरकार द्धारा की गई थी। यह मिल शुरू में अच्छी तरह से चल रही थी लेकिन 1995 में इसे बंद कर दिया गया था। इसके बाद से मिल को फिर से चालू करने के कई प्रयास किए गये लेकिन अभी तक समस्या ज्यों का त्यों बना हुआ है। अब तो ईंट ईंट बिखड़ गया है।
बड़ी संख्या में लोग थे मौजूद :
मौके पर शंकर साह, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, राकेश ठाकुर, राम विनोद जीबछ पासवान, अरूण कुमार राय, राजेंद्र राय, पिंकू पासवान, रामलाल राम, संतोष कुमार निराला, डोमन राय, विश्वनाथ सिंह हजारी, रंभू राय, नंदू महतो, शाहीद हुसैन, मनोज कुमार राय, सुधीर प्रसाद गुप्ता, रामदयालू महतो आदि ने सभा को संबोधित किया।