
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini 24 दरभंगा। “लाइब्रेरी हमेशा से ज्ञान का भंडार रहे हैं। आज के दौर में सीमित संसाधनों वाले लाइब्रेरी की अपेक्षा ई लाइब्रेरी ज्ञान का महासागर है। जहां विभिन्न विषयों पर पूरी दुनिया के विभिन्न विशेषज्ञों के शोध पत्र, व उनके द्वारा सृजित पुस्तकें सिर्फ एक क्लिक पर उपलब्ध हैं।”
एमयू के कुलसचिव ने कहा :
मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) घनश्याम राय ने रविवार को दरभंगा के अललपट्टी में एक ‘मिथिला लाइब्रेरी’ का उद्घाटन करते हुए उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि, “यह मेरे लिए गर्व की बात है कि, मेरे मार्गदर्शन में काम करने वाला एक रिसर्च स्कॉलर इस ई-लाइब्रेरी के ज़रिए छात्रों को शिक्षित और सशक्त बना रहा है।”
मिथिला लाइब्रेरी की दूसरी शाखा का उद्घाटन :
बताते चलें कि, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर और मुंगेर विश्वविद्यालय मुंगेर के कुलसचिव डॉ. घनश्याम राय के मार्गदर्शन में काम करने वाले रिसर्च स्कॉलर सिद्धार्थ राज ने रविवार को दरभंगा के अल्लापट्टी में मिथिला लाइब्रेरी की दूसरी शाखा का शुभारंभ किया।
सीखने, नए विचारों के आदान–प्रदान और बातचीत का केंद्र :
मुख्य अतिथि कुलसचिव मुंगेर विश्वविद्यालय और शोध पर्यवेक्षक डॉ. घनश्याम राय ने मिथिला लाइब्रेरी का विधिवत उद्घाटन करते हुए कहा कि, “यह लाइब्रेरी नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है। इस डिजिटल युग में, यह ज्ञान और इनोवेशन का केंद्र होगा।” यह दरभंगा और उसके आस-पास के ग्रामीण इलाकों में सीखने, नए विचारों के आदान–प्रदान और बातचीत का केंद्र बनेगा।“
दूसरी शाखा का विस्तार सराहनीय :
इसे पीढ़ियों का संगम करार देते हुए डॉ. राय ने मिथिला लाइब्रेरी के डायरेक्टर और अपने रिसर्च स्कॉलर सिद्धार्थ राज को बधाई दी और कहा कि, “मिथिला लाइब्रेरी का पहला सेंटर तीन साल पहले मारवाड़ी कॉलेज के पास शुरू हुआ था। आज इसके दूसरी शाखा का विस्तार सराहनीय है।”
हमारे शोधार्थी नवाचार के क्षेत्र में काफी सक्रिय :
मौके पर प्राध्यापक, विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान विभाग डॉ. रघुवीर कुमार रंजन ने कहा कि, “हमारे विभाग के शोधार्थी हर क्षेत्र में परचम लहरा रहे हैं। इससे विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान विभाग की प्रतिष्ठा चौतरफा बढ़ी है। हमारे शोधार्थी नवाचार के क्षेत्र में काफी सक्रिय हैं।”
कई शोधार्थी थे मौजूद :
इस अवसर पर रिसर्च स्कॉलर केशव चौधरी, रजनीश चौधरी, मोहन कुमार, नीतीश कुमार, रोशन कुमार, शुभम कुमार और कई अन्य रिसर्च स्कॉलर और छात्र मौजूद थे।