
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
नयी दिल्ली। दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा की सत्ता में प्रचंड वापसी हुई है। 13 साल से दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (आप) भाजपा की आँधी में हवा हो गयी। वहीं कॉंग्रेस इस बार भी अपने बिखरे जनाधार को समेट नहीं पायी। विधानसभा चुनाव 2025 के चुनाव परिणाम के अनुसार 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में भाजपा के खाते में 48 सीटें आयी है। जबकि आप ने 22 सीटो पर संतष करना पड़ा। जदयू, लोजपा रा और कॉंग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका।
निर्वाचन आयोग के अनुसार दिल्ली में इस बार 83 लाख 49 हजार 645 पुरुष और 71 लाख 73 हजार 952 महिलाएं तथा 1261 थर्ड जेंडर कुल एक करोड़ 55 लाख 24 हजार 858 मतदाताओं ने कुल 699 प्रत्याशियों के भाग्य का फौसला किया था। जिसमें कुल 60.54 प्रतिशत वोट पड़े थे।
आप के दिग्गजों में अरविंद केजरीवाल एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया चुनाव हार गए हैं। मुख्यमंत्री आतिशि कालका जी से चुनाव जीत गयी। सबसे बुरा हालजदयू का बुराड़ी एवं लोजपा.रा. का देवली में हुआ। जहां वे भाजपा के गठबंधन के बावज़ूद बुरी तरह हार गए। कांग्रेस हार भले गयी मगर “पति मरे तो मरे सौतन विधवा हो जाये” वाले तर्ज पर आप को 14 सीटों का नुकसान कराने में सफल रही।
चुनाव परिणाम आने के साथ ही भाजपा में मुख्यमन्त्री की कुर्सी को लेकर विचार विमर्श शुरु हो गया है। लेकिन अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह एवं पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा को लेना है।
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हार स्वीकार करते हुए भाजपा को जीत की बधाई दी है। वहीं भाजपा ने जीत के लिए जनता का आभार प्रकट किया है। जबकि कॉंग्रेस ने दिल्ली की कुर्सी से केजरीवाल की विदाई का स्वागत किया है।