
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए भोला टॉकीज और मुक्तापुर रेलवे गुमटी पर 200 करोड़ रुपए की लागत से आरओबी का निर्माण होगा। साथ ही 48 करोड की लागत से मथुरापुर घाट पर स्थित पुल के निकट दूसरे पुल का निर्माण होगा। जिससे इन जगहों पर अक्सर लगने वाले जाम से लोगों को मुक्ति मिलेगी।
समस्तीपुर में शुक्रवार को डीएम रोशन कुशवाहा ने अपने कार्यकाल में आयोजित पहले संवाददाता सम्मेलन में प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा की गई घोषणाओं की स्वीकृति मिलने सहित अद्यतन जानकारी देते हुए उक्त बातें कही। दोनो गुमटी पर पुल बनने के दौरान लोगों की सुविधा के लिए अस्थाई पथ निर्माण एक चुनौती है मगर कार्य प्रगति पर है, 2025 में काम जमीन पर दिखने लगेगा। इस क्रम में उन्होंने बताया कि प्रगति यात्रा के दौरान सीएम ने जिन-जिन योजनाओं का निरीक्षण और शिलान्यास किया था, उन सभी योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
डीएम श्री कुशवाहा ने आगे कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुक्तापुर मोईन के चार चरणों में जीर्णोद्धार की योजना को स्वीकृति मिली है। पहले चरण में 38 करोड़ रुपए की लागत से पाथवे, वृक्षारोपण, खेलकूद और दुकानों का निर्माण होगा। जिससे लोगों को एक ही जगह पर फुर्सत के समय में वक्त बिताने का जगह प्राप्त होगा।
उन्होंने बताया कि जिले के शिवाजी नगर से गुजरने वाली करेह नदी के शंकर घाट पर आरसीसी पुल और बुधी गंडक नदी पर एक और पुल का निर्माण होगा। रोसरा में जाम की समस्या दूर करने के लिए बाईपास सड़क बनाई जाएगी। जिसका डीपीआर तैयार किया जा रहा है।
इसके अलावा नदियों में आने वाली बाढ़ से बचाव के लिए समस्तीपुर जिले से गुजरने वाली बालन और जमुआरी नदी के गाद्ध की सफाई कराई जाएगी इसके लिए 320 करोड़ की योजना को स्वीकृति मिली है। इस पर डीपीआर बनाया जा रहा है। जल्द ही इस पर निविदा के बाद कार्य शुरू किया जाएगा। 35.72 करोड रुपए की लागत से पीपा पुल का निर्माण
साथ ही बताया है कि प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की थी इस बैठक में समस्तीपुर जिले से गुजरने वाली गंगा नदी के मोहनपुर में पत्थर घाट से हरदासपुर 35.72 करोड रुपए की लागत से पीपा पुल का निर्माण कराया जाएगा।
अगले 15 से 20 दिनों में इन सभी कार्यों का डीपीआर तैयार कर कार्य शुरू किया जाएगा। इन योजनाओं की कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है।
अंत में संवाददाताओं द्वारा मासिक प्रेस वार्ता के विषय पर कहा कि इसे कार्य रूप दिया जायेगा।