
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini24 डेस्क समस्तीपुर। कुसुम पाण्डेय स्मृति साहित्य संस्थान के तत्वावधान में केन्द्रीय विद्यालय समस्तीपुर के निकट स्थित कुसुम सदन के प्रागंण में रविवार को एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें दूर दूर से बड़ी संख्या में साहित्यसेवी व साहित्यकार शामिल हुए। इस अवसर पर सबसे पहले डॉ रामेश गौरीश ने आगत समस्त रचनाकारों का हार्दिक स्वागत किया।
विशिष्ट अतिथि रेल के पूर्व राजभाषा अधिकारी भुवनेश्वर मिश्र, की मौजूदगी में सुप्रसिद्ध गीतकार डॉ राम पुनीत ठाकुर तरुण की अध्यक्षता में आयोजित इस काव्य गोष्ठी का संचालन प्रवीण कुमार चुन्नू ने किया।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष शिवेंद्र कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में सभी साहित्यकारों ने सबसे पहले अगस्त महीने में जन्में हिन्दी साहित्य के आधार स्तम्भ आचार्य शिवपूजन सहाय, गोपाल सिंह नेपाली, हंस कुमार तिवारी, रामेश्वर सिंह कश्यप, लोहा सिंह, आरसी प्रसाद सिंह, गिरीजा कुमार माथुर, पं राम दयाल पाण्डेय, डॉ राजेन्द्र किशोर, मैथिली शरण गुप्त, हजारी प्रसाद द्विवेदी, भगवती चरण वर्मा, अमृता प्रीतम, हरिशंकर परसाई, भीष्म साहनी, डॉ वासुदेव शरण अग्रवाल, त्रिलोचन शास्त्री, सुभद्रा कुमारी चैहान के कृतित्व तथा व्यक्तित्व पर विशद चर्चा करते हुए उनके प्रति भावभीनी श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
साथ ही राष्ट्र अग्रणी स्वतंत्रता सेनानी मदन लाल धींगरा, राजगुरु, राज कुमार शुक्ल, महर्षि अरविन्द घोष, के प्रति भी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ राम सूरत प्रियदर्शी के सरस्वती वंदना के साथ गोष्ठी का शुभारंभ हुआ।
तदुपरांत देश प्रेम से ओतप्रोत गीतों, गजलों, हास्य व्यंग्य भरी रचताओं, भजन, एवं पर्यावरण संबंधी रचनाओं के अलावा भोजपुरी और बज्जिका की रचनाओं में लोग सम्मोहन की अवस्था में झूमते, ठहाके लगाते रहे। तमाम साहित्यकारों ने ऐसा समां बांधा कि गुजरते वक्त का पता भी नहीं चलो। इस दौरान डॉ परमानन्द लाभ की नवीनतम कृति जीवित्पुत्रिका का लोकार्पण किया गया।
मौके पर डॉ राम सूरत प्रियदर्शी, शिवेंद्र कुमार पाण्डेय, रामाश्रय राय राकेश, राजकुमार राय राजेश, विष्णु कुमार केडिया,प्रवीण कुमार चुन्नू, दीपक कुमार श्रीवास्तव, आचार्य परमानंद प्रभाकर, आचार्य गंगा प्रसाद आजाद सतमलपुरी, राम लखन यादव, डॉ परमानंद लाभ, भुवनेश्वर मिश्र, नरेंद्र कुमार सिंह त्यागी, राज कुमार चैधरी, स्मृति झा, विनोद विनित, दिनेश प्रसाद, डॉ राम पुनीत ठाकुर तरुण, डॉ उमाशंकर विद्यार्थी, आफताब समस्तीपुरी, नकी समस्तीपुरी, त्रियोगी नारायण सिंह, डॉ सुनील चम्पारणी आदि ने अपनी रचनाओ से लोगों को खूब रिझाया। आखिर में आयुष्मान प्रकाश के धन्यवाद ज्ञापन से काव्य गोष्ठी का समापन किया गया।