
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
Oini24 डेस्क पूसा । डॉ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के परिसर में गाजर घास उन्मुलन जागरूकता सप्ताह के तहत, घास उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर कुलपति डॉ पीएस पांडेय ने कहा कि गाजरघास एक दुष्प्रभावी खरपतवार है। जो मनुष्य व पशु में त्वचा रोग, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी बिमारी का भी कारण बनता है। इसलिए गाजरघास उन्मुलन जरूरी है।
उन्होंने ने कहा कि गाजर घास का पूरी तरह सफाया एक दो दिन या एक दो महीने में नहीं हो सकता। लेकिन लगातार कुछ सालों तक फूल आने से पहले इसे उखाड़कर इसके पैदावार पर अंकुश लगाया जा सकता है और इस प्रकार धीरे धीरे यह समाप्त हो जायेगा।
इस दौरान उन्होंने ने घास एवं खर-पतवार नियंत्रण से जुड़ी अन्य जानकारियां भी साझा की और कहा कि हम सभी विश्वविद्यालय परिसर को गाजरघास मुक्त बनाने का संकल्प लें। वीसी डाॅ पाण्डेय ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में प्रत्येक वर्ष छात्रों व कर्मचारियों द्वारा गाजर घास उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जाता है।
वहीं अपने संबोधन में निदेशक अनुसंधान डॉ एके सिंह ने कहा कि गाजर घास को क्रम बद्ध तरीके से नष्ट कर पर्यावरण एवं मनुष्य व पशुओं को इसके दुष्प्रभाव से बचाया जा सकता है। इस कार्यक्रम का आयोजन अनुसंधान निदेशालय की ओर से किया गया था। कार्यक्रम का संचालन अधिष्ठाता स्नातकोत्तर कृषि महाविद्यालय डॉ मयंक राय ने किया।
धन्यवाद ज्ञापन डॉ मुकेश कुमार ने किया। मौके पर डॉ आरके झा, डॉ विपिन कुमार, डॉ संजय कुमार चैधरी, डॉ देवेन्द्र सिंह, डॉ सीके झा, कुलपति के सचिव अनिल कुमार शर्मा सहित वैज्ञानिक, पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।