
ओईनी न्यूज नेटवर्क
समस्तीपुर। विद्या व संगीत की अधिष्ठात्री माता सरस्वती देवी बाद में बनी, पहले वे संगीत साधिका ही हैं। दलसिंहसराय स्थित पंडित दुर्गा दत्त संगीत महाविद्यालय परिसर में आयोजित सरस्वती पूजा के अवसर पर संगीत सेवी सह पत्रकार संजय कुमार राजा ने उक्त बातें उपस्थित संगीत के नव साधकों से कही।
उन्होंने कहा कि संगीत के प्रथम गुरू देवाधिदेव महादेव ने संगीत के अलौकिक आनंद को धरती पर लाने केलिए जिन लोगों को शिक्षा दी उनमें सरस्वती भी एक थी। बता दें कि महादेव ने महर्षि भरत, व नारद को सबसे पहले संगीत की शिक्षा दी थी।
बताते चलें कि रविवार को जिले के दलसिंहसराय स्थित पंडित दुर्गा दत्त संगीत महाविद्यालय में सरस्वती पूजनोत्सव के अवसर पर केन्द्र के केन्द्राधीक्षक श्रीराम पोद्दार ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवित पूजा अर्चना की। तदुपरांत महाविद्यालय के बच्चों ने अपने गायन वादन से माता सरस्वती को रिझाने की विनम्र कोशिश की। वहीं इस अवसर पर टीएमसी भागलपुर की वरीय प्राध्यापक अंजु पोद्दार ने कहा कि संगीत में कोई शार्ट कट नहीं होता। निरंतर साधना व सतत अभ्यास इस विधा में सफलता का मूल मंत्र है। इसके साथ ही गुरू का आशीर्वाद भी बेहद आवश्यक है।