
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपुर। नमो दीदी ड्रोन योजना और डिजिटल एग्रीकल्चर के क्षेत्र में विश्वविद्यालय का योगदान उल्लेखनीय है, इसकी चर्चा देश के सभी विश्वविद्यालयों में ही नहीं दुनिया भर में हो रही है। अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के महानिदेशक सह सचिव डेयर डाॅ एम एल जाट ने उक्त बातें कही।
बताते चलें कि डाॅ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कुलपति डॉ. पी एस पांडेय ने मंगलवार को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के महानिदेशक और सचिव डेयर डॉ. एमएल जाट से मुलाकात की। इस दौरान कुलपति ने विश्वविद्यालय में चल रहे विभिन्न अनुसंधान एवं विकास कार्यों के बारे में विस्तार से चर्चा की। विदित हो कि कि महानिदेशक डॉ जाट और कुलपति डॉ पांडेय मोदीपुरम में काफी दिनों तक साथ में काम कर चुके हैं।

इस क्रम में डॉ. जाट ने विश्वविद्यालय के अच्छे कार्यों की सराहना की और कहा कि अन्य संस्थानों में भी आपके कार्यों की चर्चा होती रहती है। खास कर दीक्षारंभ कार्यक्रम, नमो दीदी ड्रोन योजना और डिजिटल एग्रीकल्चर के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के योगदान को उल्लेखनीय एवं अनुकरणीय बताया।

गौरतलब है कि नमो दीदी ड्रोन योजना के तहत, विश्वविद्यालय ने कई राज्यों के किसानों को ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण दिया है। जिसमें महिला किसान की संख्या काफी अधिक है। इसी योजना के तहत भारत सरकार की ओर से इन लोगों को ड्रोन भी उपलब्ध करवाया गया है। जिसकी मदद से महिला किसान अच्छी खासी आय अर्जित कर रही हैं। साथ ही किसानों को फसलों की निगरानी और प्रबंधन में भी मदद मिल रही है।
कुलपति डॉ पांडेय और महानिदेशक डॉ जाट के बीच हुई मुलाकात और बातचीत में भविष्य की योजनाओं, सहयोग और साझेदारी के अवसरों पर भी चर्चा हुई और 2047 तक भारत को विकसित बनाने को लेकर विश्वविद्यालय की तैयारियों पर भी विचार विमर्श किया गया।
