
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
समस्तीपूर/पूसा । एक तरफ बिहार सरकार बेटियों के शिक्षा पर जोर देकर बिहार की दशा और दिशा बदलने के लिए प्रतिबद्ध दिखती है। बालिकाओं की शिक्षा के लिए साईकिल, पोशाक, छात्रवृत्ति, प्रोत्साहन राशि सहित कई योजनाओं के माध्यम से मुख्यमंत्री अपनी प्रतिबद्धता दोहराते रहते हैं। वहीं दूसरी तरफ बिहार के समस्तीपुर जिले में शिक्षा विभाग के पदाधिकारी सरकार के उद्देश्य को पलीता दिखाने पर आमादा है।
मामला जिले के पूसा प्रखंड के महमदपुर देवपार पंचायत स्थित प्लस +2 राजकीय कृत बालिका उच्च विद्यालय का है। जहां बुधवार को चिलचिलाती धूप में बेटियों का कक्षा 9 में नामांकन कराने आये अभिभावक नामांकन लेने से इंकार किये जाने पर विद्यालय के मुख्य द्वार पर धरना पर बैठ गए।

इस दौरान घंटो शिक्षक और छात्र विद्यालय के परिसर मे बंद रहे। मामले की जानकारी मिलने पर अजय कुमार, पप्पू कुमार आदि पहुंचे और मामले की जानकारी ली। इस दौरान प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पूनम कुमारी ने छात्राओं को आवेदन देने की बात कही। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, छात्र नेताओं पत्रकारों के साथ लंबी वार्ता के बाद, छात्रों को आवेदन देने की प्रक्रिया समझाते हुए आश्वासन दिया कि जिला से आदेश लेकर उनका नामांकन करा दिया जाएगा।
इधर छात्र नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा है कि यदि दो दिनों के अंदर नामांकन की व्यवस्था नहीं बनती है तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
बताते चलें कि पुर्व शिक्षा उपनिदेशक ने एक तुगलकी फरमान जारी किया था कि आठवीं के बाद बच्चे नौवीं कक्षा में नामांकन अपने पंचायत में ही लेंगे। संभवतः इसी को आधार बना कर इस विद्यालय में बच्चों को नामांकन लेने में कठिनाई का सामना करना पड रहा है। जानकार सुत्र बताते है कि उक्त फरमान पर कई विद्यालय के प्रधान बच्चों की सुविधा को प्राथमिकता दे रहे हैं।
विद्यालय के प्रवेश द्वार पर बैठी छात्राएं अंशु कुमारी, रिया राय, ईशा कुमारी, स्वाति कुमारी, राज श्री, नंदनी कुमारी, वंदना कुमारी, प्रीतो कुमारी, नेहा खातुन, निशु कुमारी, स्नेहा कुमारी, सहित कई छात्राओं ने बताया कि विद्यालय उनके घर से नजदीक है और सुरक्षित भी है।
बताते चलें कि प्रखंड में एकमात्र पूसा एवं आसपास एकलौता गर्ल्स स्कूल होने की वजह से बच्चियों के लिए यह एक पहली पसंद होती है। यहां कंप्यूटर, संगीत, नृत्य, आर्ट एंड क्राफ्ट, की शिक्षा सहित पुस्तकालय की भी उपलब्धता छात्राओं के आकर्षण की खास वजह है। प्रभारी प्रधानाध्यापक बच्चियों का नामांकन लेना चाहती है लेकिन विभाग के आदेश के अधीन होने के कारण छात्रों का नामांकन नहीं ले पा रहे है।