
ओईनी न्यूज नेटवर्क।
पूसा। इस वर्ष लीची में काफी अच्छी फलत देखने को मिल रही है। ऐसे में लीची से अच्छी आमदनी प्राप्त करने के लिए लीची उत्पादक किसानों को सजग एवं सचेत रहते हुए वैज्ञानिक तरीके से बागीचे की देखभाल एवं प्रबंधन करने की आवश्यकता है। कृषि विज्ञान केन्द्र, बिरौली के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ आरके तिवारी ने उक्त बातें लीची उत्पादक किसानों केलिए जारी सुझाव में कही है। जिसमें उन्होंने कहा है कि वैज्ञानिक तकनीक व विधि से लीची बगान की देखभाल व प्रबंधन से लीची के फल स्वस्थ होंगे। जिससे बाजार में उनकी अच्छी कीमत मिल सकती है।
इसी क्रम में केन्द्र के उद्यानिकी विशेषज्ञ डॉ धीरू कुमार तिवारी ने सलाह देते हुए कहा कि लीची के फल इलायची के आकार के हो जायें तो पेड़ों के थालों में हल्की सिंचाई नियमित रूप से करते रहना चाहिए। ताकि बाग में नमी की कमी नहीं हो और फल का समुचित विकास हो सके। सिंचाई करते वक्त ध्यान देना चाहिए कि बाग में पानी ज्यादा नहीं लगाना है अन्यथा कि स्थिति में फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।
उन्होंने बताया कि फलों के गुणवत्तापूर्ण विकास हेतु 8-12 वर्ष के पेड़ों में 350 ग्राम यूरिया एवं 250 ग्राम पोटाश (एमओपी) का व्यवहार करें। वहीं 15 वर्ष के उपर पेड़ों केलिए 450-500 ग्राम यूरिया एवं 300 से 350 ग्राम पोटाश का व्यवहार करें। छत्रक के बाहरी फैलाव से 1 मीटर अंदर की तरफ जमीन पर 2 फीट चौड़ाई में पेड़ के चारों तरफ गोलाई में उर्वरक डालकर कुदाल/फावड़ा से मिट्टी में मिला दें।
डाॅ तिवारी कहा कि उर्वरकों का प्रयोग पर्याप्त नमी होने पर ही करें। फल फटने की समस्या के समाधान हेतु बोरेक्स 5 ग्रा/ली पानी के घोल का छिड़काव करना चाहिए। अक्सर देखा जाता है कि लीची फल बेधक (बोरर) कीट से लीची की फसल को काफी नुकसान होता है। जिससे किसानों की आमदनी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
फल बेधक कीट से बचाव के लिए थियाक्लोप्रिड (21% एस.सी) 0.6 मिली/लीटर पानी अथवा नोवाल्यूरान 10 ई.सी. 1.5 मिली/लीटर या संयुक्त उत्पाद (नेवाल्यूरान 5.25% + इन्डोक्साकार्ब 4.5%) एस.सी. 1.5 मिली/लीटर पानी का घोल बनाकर छिड़काव करें। झुलसा एवं अन्य रोग से बचाव के लिए कीटनाशक के साथ ही कवकनाशी थायोफेनेट मिथाइल 70 प्रतिशत डब्ल्यू. पी. 2 ग्राम प्रति लीटर का छिड़काव करें। इन दवाओं को फल के बड़ी लौंग के आकार के हो जाने के बाद ही छिड़काव करें । अच्छे परिणाम के लिए कीटनाशी/कवकनाशी के साथ स्टिकर 0.3 मिली./लीटर या सर्फ एक चम्मच प्रति 15 लीटर पानी में प्रयोग अवश्य करें ।

